Last updated: August 14th, 2026 at 04:22 pm

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संसद में दिए गए उनके एक भाषण को लेकर लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने नोटिस जारी किया है। समिति ने राहुल गांधी से 28 अगस्त 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
मामला एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में हुई चर्चा से जुड़ा है। आरोप है कि इस दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बिना पर्याप्त पूर्व सूचना के कुछ ऐसे शब्दों और आरोपों का इस्तेमाल किया, जिन्हें शिकायतकर्ताओं ने असंसदीय और आपत्तिजनक बताया है।
बीजेपी सांसदों ने की थी शिकायत
राहुल गांधी के भाषण को लेकर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और संजय जायसवाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में राहुल गांधी पर संसदीय नियमों का उल्लंघन करने और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर गंभीर आरोप लगाने का मुद्दा उठाया गया। शिकायत के आधार पर अब लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने राहुल गांधी को नोटिस भेजकर उनका पक्ष मांगा है।
नियम 353 को लेकर उठे सवाल
नोटिस में राहुल गांधी पर आरोप लगाया गया है कि एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान उन्होंने नियम 353 के तहत आवश्यक पूर्व सूचना दिए बिना गृह मंत्री के खिलाफ आरोप लगाए।
शिकायत में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई भाषा को असंसदीय और अपमानजनक बताया गया है। बीजेपी सांसदों की ओर से मामले में संसदीय प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
28 अगस्त तक देना होगा जवाब
विशेषाधिकार समिति के नोटिस के बाद अब राहुल गांधी को 28 अगस्त 2026 तक अपना जवाब देना है। इसके बाद समिति उनके जवाब और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आगे की प्रक्रिया तय कर सकती है।
फिलहाल मामला समिति के स्तर पर है और राहुल गांधी की ओर से इस नोटिस पर क्या जवाब दिया जाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
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