Last updated: July 16th, 2026 at 11:58 am

आईआरसीटीसी होटल आवंटन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को फिलहाल राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को आरोप तय करने के मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई 31 जुलाई के लिए निर्धारित कर दी है।
इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। जांच एजेंसी ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेज प्रताप यादव, हेमा यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
ईडी के अनुसार, मामला उस अवधि से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव वर्ष 2004 से 2009 के बीच केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन और रखरखाव का ठेका देने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हुईं।
जांच एजेंसी का दावा है कि होटल संचालन का ठेका देने के बदले पटना की एक मूल्यवान जमीन बेहद कम कीमत पर लालू परिवार से जुड़ी संस्था के नाम हस्तांतरित की गई। ईडी का आरोप है कि बाद में इस जमीन का स्वामित्व कथित रूप से विभिन्न कंपनियों और परिवार के सदस्यों के माध्यम से बदला गया, जिसके आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया।
हालांकि, मामले में आरोप तय किए जाने को लेकर अदालत ने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। अब 31 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में कोर्ट यह तय करेगा कि आरोप तय किए जाएं या नहीं। इस सुनवाई पर सभी पक्षों की निगाहें टिकी हुई हैं।
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