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J&K के पूर्ण राज्य के दर्जे पर G.A. मीर बोले- केंद्र अपना वादा पूरा करे, यह कोई खैरात नहीं

जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक दल के नेता गुलाम अहमद मीर
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जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक दल के नेता गुलाम अहमद मीर ने केंद्र सरकार से अपना वादा पूरा करने की अपील की है। विधानसभा के शरदकालीन सत्र के दौरान मीर ने कहा कि राज्य का दर्जा मांगना किसी तरह की “खैरात” मांगना नहीं, बल्कि केंद्र की ओर से किए गए वादे को पूरा करने की मांग है।

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    ‘राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर सभी एकमत हों’

    विधानसभा की कार्यवाही से पहले पत्रकारों से बातचीत में मीर ने कहा कि सदन में राज्य का दर्जा बहाल करने से जुड़ा प्रस्ताव चर्चा के लिए सामने आएगा। उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर की करीब 1.4 करोड़ आबादी इस मांग के समर्थन में है।

    मीर के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद उसकी शक्तियों में बदलाव हुआ। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। उनके अनुसार, केंद्र को राज्य का दर्जा और शक्तियां वापस देने के अपने वादे को पूरा करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने के सवाल पर जम्मू-कश्मीर की सभी राजनीतिक पार्टियों के बीच सहमति होनी चाहिए। वहीं, प्रस्ताव में स्वायत्तता से जुड़े हिस्से पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की राय हो सकती है।

    मीर ने BJP पर भी साधा निशाना

    मीर ने राज्य के दर्जे पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट बताते हुए बीजेपी की आलोचनाओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की स्थिति इस मुद्दे पर साफ है और बीजेपी को भी विधानसभा के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

    कांग्रेस नेता ने हाल ही में विधानसभा में शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग वाले प्रस्ताव का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने उस प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि पार्टी “एक देश, एक कानून” की बात करती रही है। मीर ने कहा कि किसी मुद्दे पर बयान देने और सदन में उस पर अमल करने के बीच अंतर हो सकता है।

    ‘दो सत्ता केंद्रों से आम लोगों को परेशानी’

    मीर ने पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं होने की स्थिति को आम लोगों की समस्याओं से भी जोड़ा। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में अलग-अलग स्तरों पर सत्ता के केंद्र होने से लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए यह तय करने में परेशानी होती है कि उन्हें किस स्तर पर जाना है।

    उन्होंने कहा कि विधानसभा पहले भी राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर प्रस्ताव पारित कर चुकी है और मौजूदा प्रस्ताव इस मांग को दोहराने के तौर पर सामने आया है।

    उमर सरकार के गिरने की अटकलों को मीर ने किया खारिज

    जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर भी मीर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार के गिरने या टूटने की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि जनता ने सरकार को पांच साल का जनादेश दिया है।

    मीर ने कहा कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और केंद्र से राज्य का दर्जा तथा शक्तियां बहाल होने के बाद निर्वाचित सरकार और जम्मू-कश्मीर की जनता अपने मुद्दों को आगे बढ़ाएगी।

    वहीं, विधानसभा में राज्य के दर्जे को लेकर बीजेपी और सत्तापक्ष के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। बीजेपी ने राज्य का दर्जा बहाल करने के समर्थन की बात कही है, लेकिन प्रस्ताव में स्वायत्तता और पुराने विशेष दर्जे से जुड़े संदर्भों पर आपत्ति जताई है।

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