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जमुई की संस्कृति त्रिवेदी ने UPSC में लहराया परचम, AIR-17 के साथ बनीं IAS; मिला यूपी कैडर

जमुई: बिहार के जमुई की रहने वाली संस्कृति त्रिवेदी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में
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जमुई: बिहार के जमुई की रहने वाली संस्कृति त्रिवेदी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। संस्कृति ने ऑल इंडिया 17वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए जगह बनाई है। उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है। उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ जमुई में भी खुशी का माहौल है।

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    रांची के स्कूल से शुरू हुई पढ़ाई

    संस्कृति त्रिवेदी मूल रूप से जमुई जिले की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई रांची के जेवीएम श्यामली स्कूल से हुई। उन्होंने साइंस स्ट्रीम से 12वीं की पढ़ाई पूरी की और 94.4 प्रतिशत अंक हासिल किए।

    इसके बाद संस्कृति ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया। आगे उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से इसी विषय में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।

    पहले प्रयास में मिली थी AIR-352

    संस्कृति की UPSC की सफलता पहली कोशिश में ही नहीं आई थी। साल 2022 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 352वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उनका चयन इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस (IDAS) के लिए हुआ।

    हालांकि उनका लक्ष्य IAS बनना था। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी के साथ UPSC की तैयारी जारी रखी और दोबारा परीक्षा में शामिल होने का फैसला किया।

    नौकरी के साथ 15 से 17 घंटे पढ़ाई

    संस्कृति ने अपनी नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ तैयारी जारी रखी। जानकारी के मुताबिक, वह घर पर रहकर रोजाना करीब 15 से 17 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। लगातार मेहनत, अनुशासन और दोबारा प्रयास के बाद आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और UPSC सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने 17वीं रैंक हासिल कर ली।

    नोट्स और रिवीजन को बताया सफलता का हिस्सा

    संस्कृति की सफलता की खबर सामने आने के बाद जमुई में उनके परिवार और परिचितों के बीच खुशी का माहौल है। छोटे शहर से निकलकर देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करने वाली संस्कृति ने अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।

    UPSC की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए संस्कृति निरंतरता और धैर्य को महत्वपूर्ण मानती हैं। उन्होंने खुद तैयार किए गए नोट्स और बार-बार रिवीजन को अपनी तैयारी का अहम हिस्सा बताया। उनका कहना है कि लंबे समय तक नियमित पढ़ाई के साथ अपनी गलतियों को पहचानना और उनमें सुधार करना परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाता है।

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