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जमुई मामले पर संतोष सुमन का तेजस्वी यादव पर पलटवार, बोले- अपराधी की पहचान सबूत से होगी

पटना: जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले को लेकर बिहार की सियासत में बयानबाजी जारी है। मुख्य
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पटना: जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले को लेकर बिहार की सियासत में बयानबाजी जारी है। मुख्य आरोपी के तौर पर नंदन यादव का नाम सामने आने के बाद बिहार सरकार में मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी है।

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    संतोष सुमन ने कहा कि जांच में आरोपी की जाति नहीं, बल्कि उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य और अपराध की भूमिका महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने इसी मुद्दे को लेकर तेजस्वी यादव पर राजनीतिक तंज भी कसा।

    ‘जाति नहीं, अपराधी की तलाश हुई’

    संतोष सुमन ने कहा कि सरकार और पुलिस ने आरोपी की जाति पूछने के बजाय अपराध में शामिल व्यक्ति की तलाश की। उनके मुताबिक, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है।

    मंत्री ने तेजस्वी यादव से सवाल करते हुए कहा कि जब आरोपी सामने आ चुका है तो मामले में जातीय एंगल तलाशने की जरूरत क्यों है। उन्होंने कहा कि अब चर्चा अपराध और जांच के आधार पर होनी चाहिए।

    ‘गमछे के रंग से अपराधी तय नहीं होगा’

    संतोष सुमन ने तेजस्वी यादव की ओर से कथित AI और पहचान से जुड़े सवालों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके कपड़े या गमछे के रंग के आधार पर अपराधी नहीं ठहराया जा सकता।

    उनके मुताबिक, अपराधी की पहचान जांच और सबूतों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी रंग के कपड़े पहनने वाला व्यक्ति अगर अपराध करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

    ‘कहानी आपकी, अपराधी पुलिस ने खोज लिया’

    संतोष सुमन ने तेजस्वी यादव की कथित टिप्पणियों पर व्यंग्य करते हुए कहा कि कहानी या राजनीतिक व्याख्या कुछ भी हो सकती है, लेकिन आरोपी की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने का काम पुलिस ने किया है।

    उन्होंने कहा कि सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी घटना को जातीय या राजनीतिक नजरिए से देखना उचित नहीं है।

    ‘अपराध की गंभीरता देखी जाएगी’

    मंत्री ने कहा कि किसी आरोपी की जाति के बजाय अपराध की प्रकृति और उसकी गंभीरता को ध्यान में रखकर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार के रुख का जिक्र करते हुए कहा कि कानून सभी आरोपियों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

    जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार जारी है। जहां विपक्ष मामले में पुलिस कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार में शामिल नेता पुलिस की कार्रवाई का हवाला दे रहे हैं।

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