Last updated: July 24th, 2026 at 08:53 am

NEET परीक्षा और कथित पेपर लीक विवाद को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार संसद में NEET और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन सहमति बनने के बाद राहुल गांधी ने अपनी मांगों में बदलाव कर दिया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं से बातचीत के लिए भेजा गया था। उनका कहना था कि सरकार चाहती थी कि इस मुद्दे का समाधान संसद के भीतर चर्चा के जरिए निकले।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि यदि सरकार संसद में NEET और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हो जाती है, तो विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया जाएगा। इसके बाद सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा कर विपक्ष को संसद में बहस कराने का आश्वासन दिया गया।
हालांकि, डॉ. जितेंद्र सिंह का आरोप है कि चर्चा के लिए सहमति मिलने के बाद राहुल गांधी ने एक नई शर्त जोड़ते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग रख दी। उन्होंने इसे पहले तय हुई सहमति से अलग रुख बताते हुए कहा कि इस तरह बार-बार मांगें बदलना समाधान की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।
डॉ. सिंह ने दोहराया कि केंद्र सरकार NEET, परीक्षा प्रणाली और कथित पेपर लीक से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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