Last updated: June 23rd, 2026 at 04:00 am

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को श्रीनगर में आयोजित एक सम्मान समारोह में हिस्सा लिया, जहां 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रतिभाशाली छात्रों को पहचान देने के साथ-साथ युवाओं को बेहतर प्रदर्शन और नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना समाज के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाने की जरूरत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा आधुनिक तकनीक शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि नई तकनीकें न केवल पढ़ाई के तरीके को बदल रही हैं, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के लिए नए अवसर भी पैदा कर रही हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे तकनीक और नवाचार को अपनाते हुए खुद को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें। उनके अनुसार, AI और डिजिटल साधन सीखने की क्षमता को बढ़ाने और रचनात्मक सोच को विकसित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
शिक्षकों की भूमिका को बताया अहम
उपराज्यपाल ने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे केवल ज्ञान देने का काम नहीं करते, बल्कि समाज के भविष्य का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें सफलता की राह दिखाने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और तकनीक का बेहतर समन्वय आने वाले समय में देश की प्रगति का आधार बनेगा और युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।
इस समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक, शिक्षाविद और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
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