Last updated: July 29th, 2026 at 12:49 pm

लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाए गए पब्लिक एग्जामिनेशंस (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। बिल पर लंबी चर्चा और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस के बाद इसे मंजूरी मिली। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।
विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने रचनात्मक सुझाव देने के बजाय इस महत्वपूर्ण विषय का राजनीतिकरण किया। साथ ही उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन की गरिमा के अनुरूप भाषा का प्रयोग होना चाहिए।
छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई को लेकर उठे सवालों पर जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की गोली नहीं चलाई गई थी। उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया और यदि कभी गोली चलाने जैसी स्थिति बनती है तो उसका आदेश किसी मंत्री नहीं, बल्कि संबंधित मजिस्ट्रेट द्वारा दिया जाता है।
सरकार का कहना है कि नया संशोधन कानून सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। वहीं विपक्ष ने इस विधेयक पर कई सवाल उठाए और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
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