Last updated: June 22nd, 2026 at 09:16 am

महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव के ताज़ा नतीजों में सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। कुल 17 सीटों में से 16 सीटों पर भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इनमें भाजपा ने अकेले 9 सीटों पर विजय हासिल की है। चुनाव के लिए मतदान 18 जून को हुआ था, जबकि 6 सीटों पर पहले ही निर्विरोध चुनाव संपन्न हो चुका था, जहां विपक्षी दलों की ओर से उम्मीदवार नहीं उतारे गए या नाम वापस ले लिए गए थे।
नासिक सीट पर बड़ा उलटफेर
इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम नासिक सीट पर देखने को मिला, जहां भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले गोकुल गिट्टे ने शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को पराजित कर दिया। इस नतीजे को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए एक राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
प्रमुख सीटों के विजेता उम्मीदवार
कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महायुति उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। नांदेड़ से भाजपा के अमरनाथ राजुरकर, नागपुर (उपचुनाव) से डॉ. राजीव पोतदार, भंडारा-गोंदिया से अविनाश ब्राह्मणकर, और छत्रपति संभाजीनगर-जालना से सुहास शिरसाट विजयी रहे।
इसी तरह परभणी-हिंगोली से शिवसेना के सईद खान, जलगांव से नंदकिशोर महाजन, सांगली-सतारा से धैर्यशील कदम, सोलापुर से राजेंद्र राउत, धाराशिव-लातूर-बीड से बसवराज पाटिल और अमरावती से प्रवीण पोटे ने जीत हासिल की। वहीं विपक्षी दलों कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) को अधिकांश सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।
6 सीटों पर निर्विरोध जीत
महायुति ने 6 सीटों पर पहले ही बिना मतदान के जीत दर्ज कर ली थी। इनमें वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली, यवतमाल, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, ठाणे-पालघर और अहिल्यानगर जैसी महत्वपूर्ण सीटें शामिल हैं।
राजनीतिक संकेत और विश्लेषण
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनाव परिणाम ने महायुति की संगठनात्मक मजबूती और जमीनी पकड़ को फिर से साबित किया है। हालांकि नासिक सीट पर बागी उम्मीदवार की जीत यह भी संकेत देती है कि असंतोष भविष्य में गठबंधन राजनीति के लिए चुनौती बन सकता है। कुल मिलाकर, इस चुनाव में महायुति ने 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज कर अपना वर्चस्व कायम रखा है।
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