Last updated: November 1st, 2026 at 01:46 pm

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में उन्होंने SIR प्रक्रिया और कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया। इस दौरान ममता बनर्जी ने कविता सुनाकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर तंज कसा। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘वैनिश कुमार’ कहकर भी संबोधित किया।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के नाम पर एक करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले उनकी पार्टी हारी नहीं थी, बल्कि उसे हराया गया। ममता ने साफ कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
‘SIR का मतलब BJP को राहत देना है’
ममता बनर्जी ने SIR का अपने अंदाज में नया अर्थ बताते हुए कहा कि इसका मतलब ‘स्पेशल इंटेंसिव रिलीफ टू ए पॉलिटिकल पार्टी लाइक बीजेपी’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने EVM, लोकतंत्र, संविधान, नागरिकों के अधिकार और मतगणना को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर एक करोड़ से अधिक वोटरों के नाम हटाए गए। ममता ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई का जवाब उनकी पार्टी राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
‘वैनिश कुमार, आपने सिर्फ वोट नहीं, पूरी काउंटिंग गायब कर दी’
अपने भाषण में ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘वैनिश कुमार’ नाम से संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ वोटर लिस्ट से नाम ही नहीं हटाए गए, बल्कि मतगणना की प्रक्रिया में भी गड़बड़ी हुई।
ममता ने कहा कि नौकरियों, लोगों की जिंदगी, महिलाओं के सम्मान और किसानों-मजदूरों के अधिकारों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अब ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग के बाद आगे की लड़ाई भी जारी रहेगी।
‘ज्ञानेश-ज्ञानेश यस पापा…’ कविता सुनाकर कसा तंज
ममता बनर्जी के भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा उनकी कविता रही। उन्होंने ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ की तर्ज पर कविता सुनाते हुए ज्ञानेश कुमार और बीजेपी पर कटाक्ष किया।
उन्होंने कविता में वोट चोरी, लोकतंत्र की चोरी और किसानों-मजदूरों के अधिकारों के कथित हनन का जिक्र किया। इसके जरिए उन्होंने आरोप लगाया कि इन सबके पीछे बीजेपी है। ममता ने कहा कि पहले ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए, उसके बाद आगे की लड़ाई लड़ी जाएगी।
मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे को लेकर भी BJP पर हमला
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर धार्मिक स्थलों और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने मंदिर, राम जन्मभूमि, गुरुद्वारे, मस्जिद और वक्फ संपत्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान के साथ लोगों के सम्मान की भी रक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक कामों के लिए किया जा रहा है। अपने भाषण के अंत में ममता ने ‘सरफरोशी की तमन्ना’ की पंक्तियां सुनाईं और कहा कि लोकतंत्र की लड़ाई पुलिस के दबाव से नहीं रुकेगी।
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में दोहराया कि उनकी पार्टी लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। हालांकि, वोटर लिस्ट, मतगणना और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए उनके आरोपों पर चुनाव आयोग और बीजेपी का पक्ष अलग हो सकता है।
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