Last updated: July 6th, 2026 at 04:54 am

श्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव का माहौल देखने को मिला है। बारुईपुर में कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद वहां जाने की तैयारी कर रहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। केंद्रीय बलों और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती के बाद TMC नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
TMC सांसद डोला सेन ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को बारुईपुर जाने से रोकने के लिए उनके घर के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। उन्होंने इसे “सुपर इमरजेंसी” जैसे हालात बताते हुए सवाल उठाया कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री को नजरबंद करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, पार्टी नेता कुणाल घोष ने दावा किया कि ममता बनर्जी की यात्रा की जानकारी मिलने के बाद उनके आवास के बाहर बैरिकेडिंग कर दी गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस बीच, जादवपुर से सांसद सायनी घोष ने बताया कि बारुईपुर में हुई घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
TMC सांसद सागरिका घोष ने भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक गंभीर आपराधिक घटना के बाद कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय विपक्षी नेताओं की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना चिंताजनक है।
पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफलता के साथ-साथ राजनीतिक माहौल ऐसा बनाया जा रहा है, जहां न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उधर, TMC नेता मदन मित्रा ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी जनप्रतिनिधि को जनता से मिलने से रोकना उचित नहीं है।
फिलहाल, पूरे घटनाक्रम को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के पीछे प्रशासनिक कारणों पर आधिकारिक स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है।
![]()
Comments are off for this post.