Last updated: May 21st, 2026 at 03:31 am

पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर गुरुवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान शुरू हो गया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की आवाजाही देखने को मिली। चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके।
सुरक्षा के बीच शुरू हुई वोटिंग
अधिकारियों के अनुसार, पूरे क्षेत्र में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। हर मतदान केंद्र पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमों को भी सक्रिय रखा गया है।
उम्मीदवार हटे, लेकिन EVM में नाम बरकरार
सबसे ज्यादा चर्चा Jahangir Khan को लेकर हो रही है, जिन्होंने मतदान से पहले चुनावी मुकाबले से हटने की घोषणा कर दी थी। हालांकि नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त हो जाने के कारण उनका नाम इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में बना हुआ है। चुनाव मैदान में भाजपा, वाम दल और कांग्रेस समेत अन्य उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
क्यों कराना पड़ा पुनर्मतदान?
फलता सीट पर पहले हुए मतदान के दौरान कई बूथों पर गड़बड़ी और EVM से छेड़छाड़ के आरोप सामने आए थे। शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच कराई, जिसमें कुछ मतदान केंद्रों पर अनियमितताओं के संकेत मिले। इसके बाद आयोग ने दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
उम्मीदवार के हटने के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
लाखों मतदाता करेंगे फैसला
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक इस सीट पर लाखों मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। प्रशासन ने दावा किया है कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फलता उपचुनाव का परिणाम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।
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