Last updated: May 26th, 2026 at 10:19 am

नई दिल्ली, 25 मई: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने सोमवार को जम्मू और कश्मीर में तीन जगहों पर, बैन संगठन जमात-ए-इस्लामी जम्मू और कश्मीर से जुड़े एक टेरर फंडिंग केस के सिलसिले में तलाशी ली।
अधिकारियों के मुताबिक, ये छापे श्रीनगर और शोपियां ज़िलों में मारे गए, जहाँ जाँचकर्ताओं को कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और वित्तीय दस्तावेज़ मिले। शक है कि ये चीज़ें JeI और केंद्र शासित प्रदेश में काम कर रहे उसके सहयोगी ट्रस्टों और संगठनों की गतिविधियों से जुड़ी हैं।
यह केस, जिसे RC-03/2021/NIA/DLI के तौर पर रजिस्टर किया गया है, इस संगठन से जुड़ी कथित अलगाववादी और गैर-कानूनी गतिविधियों से संबंधित है। इस संगठन को गैर-कानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम के तहत एक गैर-कानूनी संगठन घोषित किया गया था।
NIA ने बताया कि उसकी जाँच से पता चला है कि JeI कथित तौर पर देश के अंदर और विदेश से, चैरिटी और भलाई के कामों (जिनमें शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की पहलें शामिल हैं) की आड़ में पैसे जुटाने में शामिल था। जाँचकर्ताओं का मानना है कि इन पैसों का एक हिस्सा जम्मू और कश्मीर और देश के दूसरे हिस्सों में अलगाववादी और उग्रवादी गतिविधियों की तरफ मोड़ दिया गया था।
एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि इस संगठन के बैन उग्रवादी संगठनों, जिनमें हिज़्बुल मुजाहिदीन भी शामिल है, के साथ अपने कार्यकर्ताओं और गुर्गों के एक संगठित नेटवर्क के ज़रिए संबंध थे।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस साज़िश में कश्मीरी युवाओं को कट्टरपंथी बनाना और उन्हें अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और घाटी में संगठन के नेटवर्क को मज़बूत करने के लिए भर्ती करना शामिल था।
NIA ने कहा कि इस केस में आगे की जाँच चल रही है, ताकि टेरर फंडिंग नेटवर्क को खत्म किया जा सके और जम्मू और कश्मीर में शांति और स्थिरता को बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
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