Human Live Media

HomeStateBiharपटना में कांग्रेस का प्रदर्शन, विधानसभा के पास बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश; वाटर कैनन से रोके गए कार्यकर्ता

पटना में कांग्रेस का प्रदर्शन, विधानसभा के पास बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश; वाटर कैनन से रोके गए कार्यकर्ता

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को बिहार समेत देशभर में
0786fa06-e57d-484e-89f8-1bf496c9e9c1

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को बिहार समेत देशभर में विरोध प्रदर्शन किया। पटना में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला और CEC के इस्तीफे, हटाने और गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान विधानसभा के पास बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

Table of Contents

    आर. ब्लॉक से विधानसभा की ओर निकला मार्च

    कांग्रेस कार्यकर्ता आर. ब्लॉक और चाणक्य होटल होते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। विधानसभा के पास प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें पीछे हटाया। कार्यकर्ताओं के हाथों में चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर और बैनर भी नजर आए।

    कांग्रेस का यह प्रदर्शन मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच हुआ है। पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    10 महीने में 14 आपत्तियों की रिपोर्ट से उठा विवाद

    दरअसल, हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीनों के दौरान आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा मतदाता डेटा और सॉफ्टवेयर तक पहुंच जैसे मुद्दों से जुड़ी थीं।

    रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों की जानकारी CEC ज्ञानेश कुमार को भी दी गई थी। इसके बाद 9 सितंबर को करीब चार महीने के अंतराल के बाद तीनों चुनाव आयुक्तों की पूर्ण बैठक हुई थी। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।

    चुनाव आयोग ने रिपोर्ट पर दी अलग सफाई

    वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि SIR समेत आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए और निर्णय सर्वसम्मति से हुए। आयोग ने रिपोर्ट में बताए गए मतभेदों की व्याख्या को खारिज किया है।

    कांग्रेस का विरोध इसी पूरे विवाद, SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर है। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। इस बीच, देश के कई हिस्सों में कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किए। पटना में प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन के इस्तेमाल ने विरोध को और सुर्खियों में ला दिया है।

    Loading

    Comments are off for this post.