Last updated: August 17th, 2026 at 05:07 pm

पटना: राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। पीएम ई-बस सेवा के तहत 25 अगस्त से पटना के 14 प्रमुख मार्गों पर करीब 25 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू करने की योजना है। फिलहाल इन बसों का ट्रायल चल रहा है। सभी बसें जीपीओ स्थित मल्टी मॉडल हब से संचालित की जाएंगी।
नई इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से शहर में रोजाना सफर करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से प्रदूषण और सड़क पर निजी वाहनों के दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
इन प्रमुख रूटों पर मिलेगी सेवा
प्रस्तावित ई-बस सेवा के तहत पटना के कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ा जाएगा। इनमें आर ब्लॉक से एम्स, इनकम टैक्स गोलंबर से दानापुर स्टेशन और बिहटा, गांधी मैदान से कुर्जी और हाजीपुर समेत कई प्रमुख कॉरिडोर शामिल हैं।
इसके अलावा पालीगंज और बैरिया बस स्टैंड जैसे व्यस्त क्षेत्रों को भी नई बस सेवा से जोड़ने की तैयारी है। इससे शहर और आसपास के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
149 नई डीलक्स बसें भी बेड़े में शामिल होंगी
शहरी परिवहन के साथ लंबी दूरी की बस सेवा को भी मजबूत करने की तैयारी है। परिवहन निगम को कुल 149 नई एसी और नॉन-एसी डीलक्स बसें मिलने वाली हैं। इनमें से 78 बसें फुलवारीशरीफ डिपो पहुंच चुकी हैं, जबकि बाकी बसों के भी अगस्त के अंत तक पहुंचने की उम्मीद है।
इन बसों का संचालन आगामी त्योहारों के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है। इन्हें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड समेत कई राज्यों के प्रमुख शहरों के लिए चलाया जाएगा।
महिलाओं के लिए पहुंचीं ई-पिंक बसें
महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांच पीएम ई-पिंक बसें भी पटना पहुंच चुकी हैं। इनके संचालन से ग्रामीण और अंतरजिला परिवहन व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नई बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए नई बसों में कई आधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं। बसों में सीसीटीवी कैमरों के साथ GPS आधारित लाइव ट्रैकिंग की सुविधा होगी। इससे बसों की लोकेशन पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा बसों में आरामदायक सीटें और एसी की सुविधा दी गई है। लो-फ्लोर डिजाइन के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए बस में चढ़ना और उतरना अपेक्षाकृत आसान होगा।
नई इलेक्ट्रिक और डीलक्स बसों के बेड़े के विस्तार से पटना की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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