Last updated: June 27th, 2026 at 05:45 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। हाल ही में जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे और गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और बदलाव की संभावनाएं और मजबूत मानी जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट में बदलाव 28 या 29 जून को भी हो सकता है, जबकि कुछ जानकारों का मानना है कि यह फेरबदल मानसून सत्र के बाद यानी 21 अगस्त के बाद भी संभव है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस संभावित फेरबदल में कुछ नए चेहरों को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। इसमें उद्धव गुट से जुड़े कुछ नेताओं और टीएमसी छोड़कर आए सांसदों के नाम भी चर्चा में हैं।
सूत्रों के मुताबिक, संजय दीना पाटिल, श्रीकांत शिंदे, काकोली घोष, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी रॉय जैसे नामों पर विचार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इनमें से कुछ को मंत्री पद दिया जा सकता है, जबकि कुछ को संगठनात्मक भूमिकाओं में भेजा जा सकता है।
इसके अलावा यह भी चर्चा है कि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है और उनकी जगह युवा चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा जैसे नेताओं को लेकर भी संगठन और मंत्रालय में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके जन्मदिन पर दी गई बधाई भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है। पीएम मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने में उनकी भूमिका की सराहना की थी।
विपक्ष लगातार पेपर लीक मामलों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल उठा रहा है, जिसके बीच प्रधानमंत्री का यह संदेश अलग राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल कैबिनेट फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक अटकलों और संभावित नामों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
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