Last updated: June 27th, 2026 at 05:42 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून 2026 के बीच सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर हो रही है, जहां पीएम मोदी राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले वर्ष 2015 में भी सेशेल्स की यात्रा कर चुके हैं। इस बार की यात्रा में भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो जहाज भी समारोह में भाग लेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और समुद्री साझेदारी को और मजबूती मिलेगी।
सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार माना जाता है। यह छोटा द्वीपीय देश प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों के करीब स्थित है, जिनका उपयोग भारत की ऊर्जा और व्यापार आपूर्ति श्रृंखला के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया और अफ्रीका से समुद्री मार्गों के जरिए आयात करता है। ऐसे में हिंद महासागर में स्थिरता और सुरक्षा भारत की प्राथमिकता बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच सेशेल्स जैसे देशों का महत्व और बढ़ गया है। चीन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और कूटनीतिक सहयोग के माध्यम से इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं, खासकर समुद्री सुरक्षा, हाइड्रोग्राफी, रक्षा सहयोग और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में। हाल ही में सेशेल्स के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने सतत विकास और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई थी।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। भारतीय नौसेना की सक्रिय भागीदारी से समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
भारत हिंद महासागर क्षेत्र में खुद को ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ के रूप में स्थापित करना चाहता है, और सेशेल्स के साथ मजबूत साझेदारी इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।
![]()
Comments are off for this post.