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‘विदेशी धरती पर चुपके से कौन किससे मिल रहा?’, PM मोदी का विपक्ष पर हमला, बोले- देश तोड़ने की साजिश हो रही

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अब विरोध करने के बजाय देश के विकास में बाधा डालने का काम कर रहा है। राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की ओर परोक्ष इशारा करते हुए मोदी ने सवाल उठाया कि विदेशी धरती पर चुपके से कौन किससे मुलाकात कर रहा है और भारत विरोधी ताकतें किसे समर्थन दे रही हैं?

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    प्रधानमंत्री शनिवार को गुजरात के एकता नगर स्थित परेड ग्राउंड में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और विकास से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

    ‘विपक्ष नहीं, अब अवरोध पक्ष बन गया है’

    पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि विपक्ष अब विरोध पक्ष के बजाय अवरोध पक्ष बन गया है। उन्होंने सवाल किया कि विदेशों में गुपचुप तरीके से कौन किससे मिल रहा है? भारत विरोधी ताकतें किसे अपना समर्थन दे रही हैं और कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है?

    उन्होंने कहा कि देश को ऐसी ताकतों के खिलाफ एकजुट रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश के लोगों को बांटने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और भारत की छवि खराब करने के प्रयासों का भी जिक्र किया।

    ‘नक्सलियों के बाद अब दिमागी नक्सलियों का खतरा’

    प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ अपनी सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साल उन्होंने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया था और सरकार ने अपना वादा पूरा किया है।

    हालांकि, उन्होंने ‘दिमागी नक्सलियों’ का जिक्र करते हुए कहा कि उनका खतरा अब भी बना हुआ है। मोदी ने कहा कि भारत के सामने अब सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित करने, घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलावों को रोकने तथा पंथनिरपेक्ष नागरिक संहिता की दिशा में आगे बढ़ने जैसी चुनौतियां हैं।

    सरदार पटेल के योगदान को किया याद

    राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल ने 550 से अधिक रियासतों को एकजुट कर भारत को एकता के सूत्र में बांधा था।

    मोदी ने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और ‘विकसित भारत’ देश के दो प्रमुख लक्ष्य हैं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र हमें जनता के प्रति जवाबदेह बनाता है, जबकि राष्ट्रीय एकता हमें एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की ताकत देती है।

    इस बार राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य कार्यक्रम शाम को आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने बताया कि सुबह देशभर में लाखों लोगों ने ‘रन फॉर यूनिटी’ में हिस्सा लेकर एकता का संदेश दिया।

    ‘गरीबी हटाओ’ के नारे पर कांग्रेस को घेरा

    प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबी के मुद्दे पर भी विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ‘गरीबी हटाओ’ का नारा देने वाले लोग खुद अमीर होते चले गए।

    विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मोदी ने दावा किया कि 2024 से पहले के 10 से 12 वर्षों के दौरान 50 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि पहले देश की एक चौथाई से अधिक आबादी अत्यधिक गरीबी में थी, लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर तीन प्रतिशत से नीचे आ गया है।

    वैश्विक संकट के बीच एकता को बताया भारत की ताकत

    प्रधानमंत्री ने दुनिया में चल रहे युद्धों, ऊर्जा संकट और वैश्विक आपूर्ति शृंखला की चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं मुश्किल दौर से गुजर रही हैं और संसाधनों का संकट बढ़ रहा है।

    मोदी के मुताबिक, वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान भारत को लेकर भी कई आशंकाएं जताई गई थीं, लेकिन देश ने इन चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और नागरिकों का आपसी भाईचारा ही देश की सबसे बड़ी ताकत है।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि सामूहिक संकल्प और एकजुटता के बल पर भारत हर चुनौती का सामना कर सकता है।

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