Last updated: August 7th, 2026 at 07:18 am

अनुच्छेद 370 और 35A हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 का फैसला दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में शांति, विकास और नए अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में कहा कि पिछले सात वर्षों के दौरान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हुए हैं, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
संवैधानिक अधिकारों का मिला लाभ
पीएम मोदी ने कहा कि विशेष प्रावधान हटने के बाद महिलाओं, वंचित वर्गों और अन्य समुदायों को भारतीय संविधान के तहत मिलने वाले सभी अधिकारों का लाभ मिला है। उन्होंने इसे सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष की वर्षगांठ इसलिए भी विशेष है क्योंकि देश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता को लेकर उनका सपना 5 अगस्त 2019 के फैसले के साथ साकार हुआ।
सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के समग्र विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी, ताकि हर नागरिक को आगे बढ़ने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का अवसर मिल सके।
राजनाथ सिंह ने भी फैसले को बताया ऐतिहासिक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में शांति, विकास और समान अवसरों का नया दौर शुरू हुआ है।
उन्होंने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि भारत एक समृद्ध जम्मू-कश्मीर, विकसित लद्दाख और मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
2019 में हुआ था बड़ा संवैधानिक बदलाव
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A के प्रावधानों को समाप्त करते हुए राज्य का पुनर्गठन किया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में स्थापित किया गया।
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