Last updated: August 7th, 2026 at 07:14 am

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आतंकवाद के शिकार नागरिकों के परिजनों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि न्याय, सम्मान और भरोसा बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकारी सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC) में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उपराज्यपाल ने कहा कि आतंकवादी हिंसा में अपनों को खोने का दर्द किसी भी आर्थिक सहायता से कम नहीं किया जा सकता, लेकिन प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने की जिम्मेदारी सरकार की है।
आतंकवाद खत्म करना प्रशासन की प्राथमिकता
मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और नागरिक प्रशासन मिलकर आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। उनका कहना था कि प्रदेश में स्थायी शांति और विकास तभी संभव है जब आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा हो।
लंबे समय बाद मिला कई परिवारों को न्याय
उपराज्यपाल ने बताया कि कई ऐसे परिवार थे जिन्हें वर्षों तक राहत नहीं मिल सकी थी। प्रशासन ने लंबित मामलों की समीक्षा कर कई पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी और अन्य सहायता उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी वास्तविक और पात्र मामलों का निष्पक्ष तरीके से निपटारा किया जाएगा।
संवैधानिक बदलावों का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में उन्होंने 5 अगस्त 2019 के बाद हुए संवैधानिक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर में समान अधिकार, पारदर्शी व्यवस्था और विकास की नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकारी भर्तियों और योजनाओं में योग्यता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है।
युवाओं के लिए बढ़ रहे अवसर
मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवा अब शिक्षा, स्टार्टअप, खेल और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास से युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं।
शहीदों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के अंत में उपराज्यपाल ने आतंकवाद से लड़ते हुए शहीद हुए नागरिकों, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान प्रदेश में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की प्रेरणा देता रहेगा।
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