Last updated: April 27th, 2026 at 07:02 am

Delhi Politics: राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने पार्टी के अंदरूनी माहौल को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए और अपने फैसले की वजहें बताईं।
उन्होंने कहा कि राजनीति में आने से पहले उनका करियर एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अच्छा चल रहा था, लेकिन उन्होंने देश सेवा के उद्देश्य से आम आदमी पार्टी को चुना और अपने जीवन के कई साल पार्टी को दिए।
राघव चड्ढा के अनुसार, अब पार्टी पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन के भीतर काम करने का माहौल “टॉक्सिक” हो गया है, जहां नेताओं को काम करने और अपनी बात रखने की आज़ादी नहीं मिलती। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कुछ लोगों के हाथों में सिमटकर रह गई है, जो निजी हितों के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से वह इस स्थिति से असहज थे और उनके सामने तीन विकल्प थे—राजनीति छोड़ना, पार्टी के अंदर रहकर बदलाव की कोशिश करना, या फिर किसी अन्य दल के साथ जुड़ना। अंततः उन्होंने तीसरा विकल्प चुना।
राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि उन्होंने अकेले नहीं, बल्कि छह अन्य सांसदों के साथ मिलकर यह निर्णय लिया। उनका मानना है कि इतने लोगों का एक साथ पार्टी छोड़ना इस बात का संकेत है कि संगठन के भीतर गंभीर समस्याएं हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में राघव चड्ढा और उनके साथ अन्य सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे, जिससे आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
अपने संदेश में उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वह आगे भी जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे और अब नए मंच के जरिए समस्याओं के समाधान पर अधिक प्रभावी तरीके से काम कर पाएंगे।
इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक गलियारों में आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़े संकट के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में पार्टी की स्थिति पर पड़ सकता है।
![]()
Comments are off for this post.