Last updated: May 21st, 2026 at 05:00 am

उत्तर प्रदेश के रायबरेली दौरे के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर की गई उनकी टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
रायबरेली में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, आरएसएस और भाजपा की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में संविधान और आरक्षण व्यवस्था पर लगातार हमला हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकारी संस्थानों के निजीकरण से पिछड़े वर्गों के अधिकार प्रभावित हुए हैं और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा।
सभा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए। उनके बयान के बाद भाजपा नेताओं ने इसे बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया।
भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इससे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों का अपमान हुआ है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस नेतृत्व हताशा में इस तरह की बयानबाजी कर रहा है। वहीं कुछ नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को देश की जनता का अपमान भी बताया और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां उनकी नकारात्मक सोच को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
दूसरी ओर कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि राहुल गांधी ने सरकार की नीतियों की आलोचना की है और भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। फिलहाल इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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