Last updated: July 10th, 2026 at 02:15 pm

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े मामलों में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सात अलग-अलग मामलों में उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए तीन महीने की सजा और कुल 7.35 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश को कायम रखा है। हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही मानते हुए अभिनेता की याचिका खारिज कर दी।
कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सातों मामलों में तीन-तीन महीने की सजा सुनाई गई है। हालांकि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, इसलिए अभिनेता को कुल तीन महीने की ही जेल की सजा भुगतनी होगी।
अदालत ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि राजपाल यादव को अदालत में दिए गए अपने आश्वासन (Undertaking) का पालन करने के लिए कई अवसर दिए गए थे, लेकिन उन्होंने निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया। अदालत ने इसी आधार पर निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
7.35 करोड़ रुपये का जुर्माना भी रहेगा लागू
अदालत ने प्रत्येक मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना बरकरार रखा है। सात मामलों को मिलाकर यह राशि 7.35 करोड़ रुपये होती है। आदेश के अनुसार, प्रत्येक मामले में 1 करोड़ 4 लाख 75 हजार रुपये शिकायतकर्ता को और 25 हजार रुपये राज्य सरकार को दिए जाएंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2010 में रिलीज हुई फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण से जुड़ा है। फिल्म के लिए राजपाल यादव ने 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त की थी। अभिनेता का कहना था कि यह राशि निवेश के रूप में दी गई थी, जबकि शिकायतकर्ता ने इसे ऋण बताया। भुगतान नहीं होने के कारण विवाद बढ़ा और मामला अदालत तक पहुंच गया। बाद में इसी मामले में चेक बाउंस की शिकायतें दर्ज की गईं।
पहले भी जेल जा चुके हैं राजपाल यादव
इसी मामले में अभिनेता ने 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा था कि उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं और वे जल्द सभी वित्तीय दायित्व पूरे करेंगे। हालांकि अब हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।
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