Last updated: June 22nd, 2026 at 09:27 am

अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े दान और चढ़ावे के कथित गबन मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, करीब 150 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जा सकती है। रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख होने की चर्चा है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई को लेकर कानूनी राय ली जा सकती है।
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से भेजे गए एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की रिपोर्ट को भी इस जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। दोनों रिपोर्टों के अध्ययन के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जा सकती है। हालांकि, किसी भी आपराधिक कार्रवाई या एफआईआर को लेकर अंतिम फैसला एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जा सकता है। यह भी माना जा रहा है कि जांच दल को कुछ और समय की आवश्यकता पड़ सकती है।
जांच के दौरान इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के उत्तर भारत प्रमुख अनुराग रस्तोगी ने 60 किलो चांदी से जुड़े मुद्दे को उठाया है। उनका कहना है कि देशभर के सराफा कारोबारियों द्वारा छोटी-छोटी मात्रा में भेजी गई चांदी को एकत्र कर विशेष ईंटों का निर्माण कराया गया था। इन ईंटों पर दानदाताओं के नाम और गोत्र अंकित किए गए थे और जुलाई 2020 में इन्हें रामकचहरी परिसर में मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को सौंपा गया था।
रस्तोगी का दावा है कि दान स्वीकार किए जाने के बाद उन्हें रसीद और शुद्धता प्रमाण पत्र भी दिया गया था। उनका कहना है कि इन चांदी की ईंटों को मंदिर की नींव पूजन में उपयोग करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन बाद में दानदाताओं को इसकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उनके द्वारा दान किए गए चांदी के दीपक, चांदी के कटोरे, पंचधातु की सिल्ली और नाग-नागिन की प्रतिमा जैसी वस्तुओं का भी कोई सार्वजनिक विवरण सामने नहीं आया है। उन्होंने मंदिर प्रशासन से सभी दान सामग्री का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।
इधर, मंदिर प्रबंधन पर लगातार लग रहे आरोपों के कारण श्रद्धालुओं के बीच सवाल उठने लगे हैं। कई दानदाता अपनी ओर से दी गई वस्तुओं और धनराशि का स्पष्ट ब्योरा चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन विवादों का असर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और दान की मात्रा पर भी देखने को मिल रहा है, जहां हाल के दिनों में कमी दर्ज की गई है।
हालांकि, पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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