Last updated: June 5th, 2026 at 03:31 pm

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा समीक्षा के बाद दोनों नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किए जाने के फैसले पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
इस मुद्दे पर लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दृष्टि से प्रेरित फैसला बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के निर्णय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की भावना झलकती है और यह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने लंबे समय तक बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में उनकी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता जरूरी है।
दूसरी ओर, राज्य सरकार के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था का निर्धारण तय मानकों और सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर सुरक्षा समीक्षा की प्रक्रिया के तहत विभिन्न नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा श्रेणियों का पुनर्मूल्यांकन किया जाता है।
जानकारी के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा भी निर्धारित मानकों के अनुसार तय की गई है।
इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहां विपक्ष इसे राजनीतिक कदम बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि सुरक्षा संबंधी फैसले पूरी तरह पेशेवर मूल्यांकन और नियमों के आधार पर लिए जाते हैं।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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