Last updated: October 23rd, 2026 at 05:38 pm

जम्मू-कश्मीर की पैरा-आर्चर शीतल देवी ने Asian Para Games 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इस प्रतियोगिता में शीतल ने पदक जीतने के साथ कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। उनकी उपलब्धि पर जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल ने उन्हें बधाई दी और इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया।
शीतल देवी ने कंपाउंड तीरंदाजी की अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय पैरा-आर्चरी में भारत की मौजूदगी को मजबूती दी है।
मिक्स्ड टीम और व्यक्तिगत स्पर्धा में जीते दो गोल्ड
शीतल देवी ने टोमन कुमार के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में इंडोनेशिया को 151-148 के स्कोर से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
इसके बाद महिला व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा में भी शीतल ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सिंगापुर की नूर स्याहिदाह अलीम को 142-138 से हराकर दूसरा स्वर्ण पदक जीता।
वहीं, महिला कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में शीतल देवी ने पायल नाग के साथ मिलकर रजत पदक हासिल किया। इस तरह उन्होंने एशियन पैरा गेम्स 2026 में कुल तीन पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया।
क्वालिफिकेशन राउंड में रिकॉर्ड प्रदर्शन
शीतल देवी की उपलब्धियां पदक जीतने तक सीमित नहीं रहीं। महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 720 में से 704 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने मौजूदा विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और एशियाई तथा एशियन पैरा गेम्स के नए रिकॉर्ड बनाए।
मिक्स्ड टीम क्वालिफिकेशन राउंड में भी शीतल देवी और टोमन कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय जोड़ी ने कुल 1,402 अंक हासिल कर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
इन उपलब्धियों ने प्रतियोगिता में शीतल देवी के प्रदर्शन को खास बना दिया और पैरा-आर्चरी में उनकी क्षमता को एक बार फिर सामने रखा।
J&K Sports Council ने बताया गर्व का पल
शीतल देवी की सफलता पर जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव तज़ायुन मुख्तार (JKAS) ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि एशियन पैरा गेम्स में शीतल का प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर और पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने शीतल के दो स्वर्ण, एक रजत और रिकॉर्ड से जुड़ी उपलब्धियों को उनकी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम बताया। उनके मुताबिक, शीतल की सफलता खासकर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो पैरा-एथलीट बनकर खेलों में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।
पैरा-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने पर जोर
स्पोर्ट्स काउंसिल ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में समावेशी खेल व्यवस्था को मजबूत करने, खिलाड़ियों को प्रशिक्षण सुविधाओं तक बेहतर पहुंच देने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
काउंसिल ने जमीनी स्तर पर खेलों में भागीदारी बढ़ाने, नई प्रतिभाओं की पहचान करने और पैरा-स्पोर्ट्स के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर भी जोर दिया।
शीतल देवी की यह उपलब्धि जम्मू-कश्मीर के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण है। तीन पदक और रिकॉर्ड से जुड़े उनके प्रदर्शन ने न केवल भारत को गौरवान्वित किया, बल्कि पैरा-आर्चरी में आगे बढ़ने की इच्छा रखने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण पेश किया।
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