Last updated: July 16th, 2026 at 10:06 am

सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक के लगातार जारी अनशन के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके स्वास्थ्य को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वांगचुक की नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
दरअसल, सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लंबे समय से जारी अनशन के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही थी। इसी संबंध में दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हर नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सोनम वांगचुक का प्रतिदिन मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपचार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार के इस आश्वासन के बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक की नियमित स्वास्थ्य निगरानी आगे भी जारी रखी जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो बिना देरी उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सरकार के आश्वासन और जारी स्वास्थ्य निगरानी को संतोषजनक मानते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल इस जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया। अदालत के निर्देश के बाद अब सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर सरकारी स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
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