Last updated: July 16th, 2026 at 10:09 am

अमेरिका और ब्राजील के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ब्राजील से आयात होने वाले अधिकांश उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ब्राजील सरकार ने व्यापारिक वार्ताओं में अपेक्षित सहयोग नहीं किया, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) को ब्राजील से आने वाले अधिकांश उत्पादों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापारिक बातचीत में ईमानदारी और सकारात्मक रुख नहीं अपनाया।
ब्राजील ने फैसले का किया विरोध
अमेरिका के इस फैसले पर ब्राजील ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने इसे एकतरफा और अनुचित कदम बताते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में अमेरिका को ब्राजील के साथ व्यापार से बड़ा आर्थिक लाभ मिला है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025 में अमेरिका से आने वाले अधिकांश उत्पादों पर ब्राजील ने बहुत कम आयात शुल्क लगाया और औसत प्रभावी शुल्क केवल 3.1 प्रतिशत रहा।
WTO तक पहुंचेगा मामला
ब्राजील सरकार ने संकेत दिया है कि वह इस टैरिफ के खिलाफ ‘रिसिप्रोसिटी लॉ’ के तहत जवाबी कार्रवाई कर सकती है। साथ ही इस पूरे विवाद को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के समक्ष भी उठाने की तैयारी की जा रही है।
वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ब्राजील के बीच बढ़ता यह व्यापारिक विवाद वैश्विक बाजार पर भी असर डाल सकता है। इससे दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात महंगा होने की संभावना है, जिसका प्रभाव कई उद्योगों और व्यापारिक क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
![]()
Comments are off for this post.