Last updated: September 4th, 2026 at 09:34 am

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता के समर्थन में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। उन्होंने पुलिस से मामले में शिकायत दर्ज करने और पीड़ित पक्ष को न्याय देने की मांग की।
पुलिस से पूछा- केस क्यों नहीं दर्ज करेंगे?
धरने के दौरान पप्पू यादव ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बेटियों और दलितों के खिलाफ कथित अत्याचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि अगर किसी बेटी या परिवार के साथ अन्याय होता है तो पुलिस मामला दर्ज कर कार्रवाई क्यों नहीं करेगी।
सांसद ने आरोप लगाया कि महिलाओं, छात्रों, युवाओं और अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों में सरकार का रवैया उचित नहीं है। उन्होंने मणिपुर और दिल्ली में सामने आए दुष्कर्म के मामलों का भी उल्लेख किया।
‘बेटियों और युवाओं की आवाज दबाने का आरोप’
पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जब युवा या बच्चे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने सरकार को बेटी, आम आदमी, छात्र और युवा विरोधी बताया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने और न्याय की मांग करने का अधिकार मिलना चाहिए।
स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर भी लगाए आरोप
धरने के दौरान पप्पू यादव ने स्वतंत्र भारद्वाज का जिक्र करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित मारपीट की घटना में शामिल व्यक्ति खुद इस बात की बात कर रहा है कि उसने मारपीट की और उसका संबंध मंत्री के भाई से है।
पप्पू यादव ने इस पूरे मामले को पुलिस और कथित दबंगों के बीच गठजोड़ बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
संविधान और लोकतंत्र का मुद्दा उठाया
सांसद ने सरकार पर संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी, जिसमें जेन-जी और जेन-अल्फा भी शामिल हैं, अपनी आवाज उठाना चाहती है और उसे दबाया नहीं जाना चाहिए।
पप्पू यादव ने पुलिस से मामले में शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई करने और संबंधित लोगों को न्याय दिलाने की मांग की। फिलहाल मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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