Last updated: May 24th, 2026 at 08:26 am

बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में नाकाम रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है और आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार के पास कोई ठोस योजना नजर नहीं आ रही। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता, पेंशन और अन्य योजनाओं को लेकर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।
आरजेडी नेता ने बढ़ती बिजली दरों और महंगाई को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम लोगों का बजट बिगड़ रहा है, जबकि सरकार केवल घोषणाएं करने में व्यस्त है। तेजस्वी ने दावा किया कि चुनाव के दौरान किए गए कई बड़े वादे अब अधूरे दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री के हालिया “हरे गमछे” वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। तेजस्वी यादव ने कहा कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा और प्रतीकों के जरिए लोगों को बांटने वाली बातें नहीं करनी चाहिए। उनके मुताबिक बिहार की राजनीति को विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर केंद्रित होना चाहिए, न कि पहचान और प्रतीकों की राजनीति पर।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगारी और आर्थिक संकट लगातार बढ़ रहा है। युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे और गरीब परिवारों पर महंगाई का असर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि बिहार की जनता अब सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर समझ चुकी है। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है और अब सत्ताधारी दल की प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है।
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