Last updated: May 26th, 2026 at 04:02 am

बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4.0 को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में युवाओं के भविष्य के साथ न्याय नहीं किया जा रहा है।
20 हजार नहीं, 46 हजार पदों पर बहाली की मांग
छात्र नेता का कहना है कि राज्य में लाखों युवा लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा सिर्फ 20 हजार पदों पर नियुक्ति की तैयारी करना अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि TRE 4.0 के तहत कम से कम 46 हजार पदों पर बहाली की जाए।
उन्होंने दावा किया कि बिहार में करीब 15 लाख युवा रोजगार की उम्मीद में तैयारी कर रहे हैं और सरकार को उनकी परेशानियों को गंभीरता से लेना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात करने की बात भी कही।
फर्जी शिक्षकों की जांच की उठाई मांग
दिलीप कुमार ने आरोप लगाया कि पिछली शिक्षक नियुक्तियों में बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच कराए तो हजारों पद खाली हो सकते हैं, जिससे नए अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई हो।
पुलिस कार्रवाई पर भी जताई नाराजगी
हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी छात्र नेता ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती और मारपीट की गई, जो गलत है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि मामले की जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि युवाओं की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। TRE 4.0 को लेकर जारी इस विवाद ने बिहार की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था में नई बहस छेड़ दी है।
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