Last updated: September 24th, 2026 at 08:44 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित किए जाने के मामले में अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज टिमोथी केली ने ट्रंप प्रशासन को तीनों मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के प्रेस पास बहाल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट का यह आदेश फिलहाल 14 दिनों के लिए प्रभावी रहेगा, जब तक अदालत की ओर से कोई और आदेश नहीं आता।
ट्रंप ने 18 सितंबर को इन मीडिया संस्थानों के व्हाइट हाउस एक्सेस पर रोक लगाने का ऐलान किया था। उन्होंने इन संस्थानों की रिपोर्टिंग को ‘फेक न्यूज’ बताते हुए कार्रवाई का बचाव किया था। इसके बाद CNN, MS NOW और Politico ने अदालत का रुख किया और आरोप लगाया कि उनके साथ कार्रवाई संविधान के प्रथम संशोधन में दिए गए प्रेस अधिकारों का उल्लंघन है।
कोर्ट ने प्रेस पास तुरंत बहाल करने को कहा
जज टिमोथी केली ने अपने आदेश में प्रशासन को तीनों संस्थानों के पत्रकारों के White House hard-pass press credentials तुरंत वापस करने, बहाल करने और प्रभावी करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि पत्रकारों के प्रेस पास वापस लेने की प्रक्रिया में संविधान के तहत जरूरी उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
अदालत का यह आदेश CNN, MS NOW और Politico की ओर से दायर मुकदमे में उनकी अस्थायी राहत की मांग पर आया है। तीनों संस्थानों ने दावा किया था कि उनके खिलाफ कार्रवाई उनकी रिपोर्टिंग के आधार पर की गई और उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का दिया था हवाला
मामले की सुनवाई के दौरान ट्रंप प्रशासन की ओर से मीडिया संस्थानों को व्हाइट हाउस से बाहर रखने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े तर्क भी दिए गए थे। प्रशासन का पक्ष था कि व्हाइट हाउस में संवेदनशील सूचनाएं मौजूद रहती हैं और प्रेस एक्सेस को लेकर राष्ट्रपति के पास अधिकार हैं।
हालांकि, जज केली ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा आधार नहीं दिखता जिससे यह साबित हो कि प्रेस पास रद्द करने का फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं से प्रेरित था।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
18 सितंबर को ट्रंप ने CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी। इसके बाद तीनों संस्थानों के पत्रकारों के एक्सेस बैज निष्क्रिय कर दिए गए और उन्हें व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। 21 सितंबर को तीनों मीडिया संस्थानों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया।
इस कार्रवाई के विरोध में अन्य प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने भी कुछ व्हाइट हाउस पूल कवरेज रोक दी थी। मामला प्रेस की स्वतंत्रता और व्हाइट हाउस में मीडिया की पहुंच को लेकर व्यापक कानूनी बहस का विषय बन गया।
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