Last updated: July 16th, 2026 at 10:13 am

दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी उमर खालिद को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें सप्ताह में दो बार अपने परिवार से वीडियो कॉल (ई-मुलाकात) के माध्यम से बातचीत करने की अनुमति दे दी है। इससे पहले जेल प्रशासन ने यह सुविधा घटाकर सप्ताह में एक बार कर दी थी, जिसके खिलाफ उमर खालिद ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि उमर खालिद पिछले छह वर्षों से सप्ताह में दो बार ई-मुलाकात की सुविधा का लाभ लेते रहे हैं। इस दौरान उनके खिलाफ जेल नियमों के उल्लंघन का कोई मामला सामने नहीं आया। ऐसे में पहले की तरह यह सुविधा जारी रखना उचित है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी के बाद से उमर खालिद को सप्ताह में दो बार वीडियो कॉल की अनुमति थी, लेकिन मई 2026 में बिना किसी स्पष्ट कारण के इसे घटाकर एक बार कर दिया गया। वहीं, जेल प्रशासन ने दलील दी कि वर्तमान नियमों के अनुसार एक सप्ताह में केवल एक ई-मुलाकात की अनुमति है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि उमर खालिद का जेल में आचरण संतोषजनक रहा है और उन्होंने नियमों का पालन किया है। इसलिए उन्हें अपनी मां और अन्य परिजनों से सप्ताह में दो बार वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत करने की अनुमति दी जाती है।
गौरतलब है कि उमर खालिद वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा साजिश मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी हैं। इस मामले में शरजील इमाम सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मुकदमा लंबित है।
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