Last updated: July 16th, 2026 at 10:11 am

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र भारत सरकार ने भारतीय नाविकों (Seafarers) की सुरक्षा को लेकर बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (DGMA) ने जहाज मालिकों, शिप मैनेजमेंट कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती न की जाए।
सरकार का यह फैसला हाल के दिनों में फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में हुए हमलों के बाद लिया गया है। इन घटनाओं में दो भारतीय नाविकों की मौत भी हुई है, जिसके बाद समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
डीजीएमए ने अपने निर्देश में कहा है कि क्षेत्र में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी शिपिंग कंपनियां और भर्ती एजेंसियां इस आदेश का सख्ती से पालन करें।
भारत दुनिया में समुद्री कर्मचारियों की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। वर्तमान में तीन लाख से अधिक भारतीय नाविक दुनिया के विभिन्न व्यापारिक जहाजों पर कार्यरत हैं। ऐसे में सरकार ने कंपनियों को फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में जारी सुरक्षा चेतावनियों पर लगातार नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने को कहा है।
डीजीएमए ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। हालात सामान्य होने के बाद ही आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे। सरकार ने दोहराया है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और हितों की रक्षा उसकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
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