Last updated: July 19th, 2026 at 11:50 am

अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि से जुड़े विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने दिल्ली में अपनी केंद्रीय प्रबंध समिति और प्रन्यासी मंडल की दो दिवसीय बैठक शुरू की है। राजधानी के आर.के. पुरम स्थित मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में संगठन के 200 से अधिक वरिष्ठ पदाधिकारी और शीर्ष नेतृत्व शामिल हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ राम मंदिर दान प्रबंधन और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
दान प्रबंधन और पारदर्शिता पर रहेगा विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राम मंदिर दान विवाद से जुड़े घटनाक्रम की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दान प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर भी विचार होगा। अन्य प्रमुख मंदिरों में दान संग्रह और लेखा-जोखा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी सुझावों पर चर्चा की जा सकती है।
संगठनात्मक मुद्दों पर भी होगी चर्चा
यह बैठक केवल दान विवाद तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें संगठन की आगामी रणनीति, धार्मिक संस्थाओं में जवाबदेही बढ़ाने और विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर भी मंथन किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, बैठक को सीमित दायरे में रखा गया है ताकि आंतरिक चर्चा निर्बाध रूप से हो सके।
दान विवाद के बाद बढ़ी पारदर्शिता की मांग
राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन के आरोप सामने आने के बाद इस मामले ने व्यापक चर्चा पैदा की है। जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है। इस घटनाक्रम के बाद धार्मिक संस्थानों में दान प्रबंधन की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।
ऐसे में माना जा रहा है कि विश्व हिंदू परिषद की यह बैठक भविष्य की कार्ययोजना तय करने और धार्मिक संस्थाओं में बेहतर प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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