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”35 साल के अनुभव को मिला बड़ा इनाम” विजेंद्र यादव बने बिहार के डिप्टी सीएम

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता
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Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता विजेंद्र यादव को उपमुख्यमंत्री की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे विजेंद्र यादव को यह पद उनके अनुभव, संगठन के प्रति समर्पण और प्रशासनिक क्षमता के चलते दिया गया है।

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    विजेंद्र यादव की राजनीतिक यात्रा तीन दशक से भी अधिक पुरानी है। उन्होंने 1990 में सुपौल विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा था। उस दौर में बिहार की राजनीति तेजी से बदल रही थी और उन्होंने इसी बदलाव के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई। लगातार जीत दर्ज करते हुए वे कोसी क्षेत्र के प्रभावशाली नेता बन गए।

    उनके करियर का अहम मोड़ तब आया जब वे लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने लगे। उनकी कार्यशैली से प्रभावित होकर उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई, जहां उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। बाद में उन्होंने शरद यादव का साथ चुना और राजनीतिक बदलाव के दौर में नई दिशा में आगे बढ़े।

    जनता दल (यूनाइटेड) के गठन के बाद विजेंद्र यादव इस पार्टी के मजबूत स्तंभ बनकर उभरे। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी सरकारों में उन्होंने कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली, जिनमें ऊर्जा, सिंचाई, वित्त और संसदीय कार्य जैसे प्रमुख मंत्रालय शामिल हैं। खास बात यह रही कि 2005 के बाद से बनी लगभग हर सरकार में वे मंत्री रहे हैं।

    उनकी राजनीतिक पकड़ केवल सरकार तक सीमित नहीं रही, बल्कि संगठन में भी उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। 2005 में प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पार्टी को मजबूत करने में अहम योगदान दिया और सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।

    हालांकि राजनीतिक उतार-चढ़ाव भी उनके करियर का हिस्सा रहे। 2015 में उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा, लेकिन 2017 में एनडीए सरकार बनने के साथ ही उन्होंने फिर वापसी की। इसके बाद भी वे लगातार सरकार का हिस्सा बने रहे और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे।

    अब 2025 में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को उनके लंबे अनुभव और संतुलित राजनीतिक छवि का परिणाम माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उनका यह पदभार एनडीए सरकार के लिए संतुलन बनाने में मदद करेगा, खासकर कोसी क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ सरकार को राजनीतिक लाभ दिला सकती है।

    कुल मिलाकर, विजेंद्र यादव का डिप्टी सीएम बनना उनके राजनीतिक जीवन का एक अहम पड़ाव है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपनी नई भूमिका में बिहार के विकास और सुशासन को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं

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