Last updated: April 15th, 2026 at 12:37 pm

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग ने व्यापक तैयारी की है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए आयोग ने राज्यभर में कुल 2,407 कंपनियों की केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का फैसला किया है। खासतौर पर संवेदनशील और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से मुर्शिदाबाद जिला सबसे अहम माना गया है, जहां सबसे ज्यादा बल तैनात किए जा रहे हैं। इस जिले को दो पुलिस क्षेत्रों, मुर्शिदाबाद और जंगीपुर में बांटकर कुल 316 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। इनमें से 240 कंपनियां केवल मुर्शिदाबाद पुलिस जिले में ही तैनात रहेंगी।
इसके बाद पूर्व मेदिनीपुर सुरक्षा के दृष्टिकोण से दूसरे स्थान पर है, जहां 273 कंपनियों की तैनाती की गई है। यह जिला भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी का गृह क्षेत्र है और यहां का नंदीग्राम सीट इस बार भी हाई-प्रोफाइल मुकाबले के कारण चर्चा में है।
वहीं पश्चिम मेदिनीपुर में 271 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। इसके अलावा बांकुड़ा में 193, बीरभूम में 176, मालदा में 172 और पुरुलिया में 151 कंपनियां सुरक्षा में लगाई जाएंगी।
उत्तर बंगाल के जिलों में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कोचबिहार में 146, दक्षिण दिनाजपुर में 83 और दार्जिलिंग में 61 कंपनियां तैनात रहेंगी। वहीं उत्तर दिनाजपुर को इस्लामपुर और रायगंज क्षेत्रों में विभाजित कर कुल 132 कंपनियां भेजी गई हैं। इसके अलावा सिलीगुड़ी और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्रों में क्रमशः 44 और 125 कंपनियां तैनात की जाएंगी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी सुरक्षा बल समय से पहले अपने-अपने तैनाती क्षेत्रों में पहुंच जाएं और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम करें। आयोग का लक्ष्य है कि 23 अप्रैल को होने वाला मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो, ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
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