Last updated: August 30th, 2026 at 02:33 pm

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान की हत्या को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हत्या, गैंगवार और अन्य आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार से सवाल किया कि अपराधियों के बीच पुलिस और प्रशासन का डर क्यों नहीं दिखाई दे रहा है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में दावा किया कि मुख्यमंत्री लगातार यह कहते रहे हैं कि माफिया और अपराधी उत्तर प्रदेश छोड़ चुके हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों से जुड़े गैंग और बदमाश उत्तर प्रदेश में आकर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। अंकित बालियान की हत्या को लेकर उन्होंने विशेष रूप से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और सरकार को घेरा।
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि उन्हें कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने पुलिस व्यवस्था में भ्रष्टाचार और अपराधियों के साथ कथित सांठगांठ का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। हालांकि ये आरोप समाजवादी पार्टी प्रमुख के राजनीतिक दावे हैं और इनका स्वतंत्र रूप से प्रमाणित होना अलग विषय है।
अंकित बालियान की हत्या के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। RLD नेता जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार किया है। इस तरह एक आपराधिक घटना अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी प्रमुख मुद्दा बन गई है।
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में एक अन्य गंभीर घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में छह वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से प्रदेश में बच्चों और बेटियों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में डर पैदा होता है। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सपा प्रमुख के लगातार हमलों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी समाजवादी पार्टी पर तीखा पलटवार किया है। रविवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान योगी ने सपा पर कानून-व्यवस्था और अतीत के शासन को लेकर निशाना साधा। उन्होंने समाजवादी पार्टी को दंगों और कर्फ्यू से जोड़ते हुए उसके शासनकाल की आलोचना की।
योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों के खिलाफ सरकार की नीति को भी दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने प्रशासन और पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही।
अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर दोनों पक्षों के बयान ऐसे समय सामने आ रहे हैं जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी तैयारियां तेज हो रही हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कानून-व्यवस्था, अपराध, रोजगार और सामाजिक समीकरण जैसे मुद्दे राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
विपक्ष के लिए आपराधिक घटनाओं को सरकार को घेरने का एक प्रमुख माध्यम माना जाता है। वहीं सत्तारूढ़ BJP लगातार अपने शासन में कानून-व्यवस्था सुधारने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाती रही है। ऐसे में किसी बड़ी आपराधिक घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होना स्वाभाविक है।
अखिलेश यादव के आरोपों के बाद अब निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर भी हैं। किसी भी आपराधिक घटना में राजनीतिक आरोपों से अलग जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए साक्ष्य यह तय करेंगे कि हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
मामले को लेकर राजनीतिक बहस बढ़ने के बावजूद पीड़ित परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा न्याय और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई है। यदि जांच में किसी गैंग या संगठित अपराध से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आती है तो पुलिस के सामने पूरे नेटवर्क की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई की चुनौती होगी।
इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ अखिलेश यादव सरकार पर अपराधियों के बढ़ते हौसले और कथित राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगा रहे हैं, वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपनी कानून-व्यवस्था नीति को सामने रख रही है।
अंकित बालियान हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठाए और अपराधियों के कथित बढ़ते हौसले का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सपा पर तीखा पलटवार करते हुए अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की सख्त नीति दोहराई। अब मामले की पुलिस जांच और सामने आने वाले तथ्य महत्वपूर्ण होंगे।
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