Human Live Media

HomeNewsगौतमबुद्ध नगर डीएम कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, कई एजेंसियों ने चलाया संयुक्त तलाशी अभियान

गौतमबुद्ध नगर डीएम कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, कई एजेंसियों ने चलाया संयुक्त तलाशी अभियान

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर स्थित जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय को सोमवार को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने
Greater-Noida-DM-Office-Bomb-Threat

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर स्थित जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय को सोमवार को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वाड, फायर ब्रिगेड और एंटी-सैबोटाज टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे परिसर को तत्काल सुरक्षा घेरे में लेकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

Table of Contents

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल मिलते ही सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत डीएम कार्यालय के अंदर और आसपास मौजूद लोगों को सतर्क किया गया। इसके बाद पूरे भवन की एक-एक मंजिल, कार्यालय कक्षों, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के परिसर की गहन जांच की गई। कई घंटे तक चले इस अभियान में किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों ने इसे फर्जी धमकी बताया, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

    घटना के बाद गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। ईमेल की आईपी डिटेल, सर्वर लॉग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने बताया कि हाल के महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और अन्य संस्थानों को इस प्रकार के फर्जी धमकी भरे ईमेल मिलने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां हर सूचना को गंभीरता से लेती हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। इसी कारण इस मामले में भी बिना किसी देरी के सभी आवश्यक सुरक्षा एजेंसियों को मौके पर बुलाया गया।

    तलाशी अभियान के दौरान डीएम कार्यालय में आने-जाने वाले लोगों की भी जांच की गई और कुछ समय के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद कार्यालय का कामकाज सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

    साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी धमकी वाले ईमेल भेजने वाले लोग अक्सर अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि आधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक तकनीकों की मदद से ऐसे मामलों में आरोपियों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है। पुलिस ने भी भरोसा दिलाया है कि तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही आरोपी की पहचान कर ली जाएगी।

    प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। यदि किसी को किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों ने कहा कि जनसहयोग से ही ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकता है।

    डीएम कार्यालय में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि ईमेल भेजने वाले की पहचान होते ही उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दोहराया है कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी धमकी को हल्के में नहीं लिया जाएगा।

    Loading

    Comments are off for this post.