Last updated: July 13th, 2026 at 02:11 pm

उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर क्राइम पुलिस ने बेरोजगार युवाओं को प्रतिष्ठित एयरलाइंस और एविएशन कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सेक्टर-2 स्थित एक किराए के परिसर में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाकर उनसे पंजीकरण, प्रोसेसिंग, मेडिकल, ट्रेनिंग और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर हजारों से लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था। वे विभिन्न जॉब पोर्टलों और ऑनलाइन माध्यमों से नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा जुटाते थे। इसके बाद खुद को नामी एयरलाइंस या एविएशन संस्थानों का प्रतिनिधि बताकर फोन करते और आकर्षक वेतन व तुरंत नियुक्ति का झांसा देते थे। जब उम्मीदवार उनके जाल में फंस जाता, तो उसे फर्जी ऑफर लेटर भेजा जाता और अलग-अलग चरणों के नाम पर रकम जमा कराने के लिए कहा जाता।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, बैंक से जुड़े दस्तावेज, डेबिट कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में फर्जी नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, कॉलिंग स्क्रिप्ट और उम्मीदवारों का डेटा भी मिला है। पुलिस का कहना है कि इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच से यह पता लगाया जाएगा कि देशभर में कितने लोगों को इस गिरोह ने अपना शिकार बनाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह ने कुछ फर्जी वेबसाइटें भी तैयार कर रखी थीं, जो देखने में वास्तविक भर्ती पोर्टलों जैसी लगती थीं। उम्मीदवारों को इन वेबसाइटों के माध्यम से आवेदन करने के लिए कहा जाता था। आवेदन के बाद उनसे रजिस्ट्रेशन शुल्क, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल जांच, यूनिफॉर्म और ट्रेनिंग फीस जैसे विभिन्न बहानों से पैसे वसूले जाते थे। रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई जाती थी ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।
नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने में तकनीकी निगरानी, बैंक खातों के विश्लेषण और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डिजिटल ट्रेल के आधार पर संदिग्ध खातों और मोबाइल नंबरों की पहचान की गई, जिसके बाद छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों से जुड़े हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती बेरोजगारी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। फर्जी भर्ती वेबसाइटें, नकली ऑफर लेटर और आकर्षक वेतन का लालच देकर युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे मामलों में किसी भी कंपनी के नाम पर पैसा जमा करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और भर्ती प्रक्रिया की पुष्टि करना आवश्यक है।
नोएडा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर यदि कोई व्यक्ति पहले पैसे मांगता है या संदिग्ध वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कराने की कोशिश करता है, तो सतर्क रहें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
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