Last updated: July 17th, 2026 at 04:38 pm

राजधानी दिल्ली में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार घटना पुरानी है, लेकिन महिला अधिकारी की शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक महिला बीएलओ अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत निर्धारित प्रपत्र वितरित कर रही थीं। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक व्यक्ति ने महिला अधिकारी की आपत्ति के बावजूद उनके बहुत करीब आकर रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए, जबकि अन्य लोगों ने भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और सरकारी कार्य में सहयोग करने से इनकार कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ, उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी के साथ ड्यूटी के दौरान दुर्व्यवहार या सरकारी कार्य में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव संबंधी कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसमें सहयोग करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
चुनाव संबंधी अधिकारियों ने भी घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बूथ लेवल अधिकारी मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए घर-घर जाकर कार्य करते हैं। ऐसे कर्मचारियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है ताकि वे बिना किसी दबाव या भय के अपना कार्य कर सकें। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करें और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी कर्मचारी के साथ ड्यूटी के दौरान अभद्रता या कार्य में बाधा डालना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उनका मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से सरकारी कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और कानून के शासन में लोगों का विश्वास मजबूत होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव संबंधी कार्यों में लगे अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए भी आवश्यक है।
चारों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी के साथ अभद्रता या सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांतिपूर्ण तरीके से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करने और किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का पालन करने की अपील की है।
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