Last updated: July 17th, 2026 at 04:40 pm

दिल्ली सरकार ने राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को अधिक आधुनिक, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में दिल्ली परिवहन विभाग को इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) के बेड़े का विस्तार तेज करने और नई बसों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारने के निर्देश दिए गए। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
बैठक में परिवहन विभाग, दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (DIMTS) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक बसों की वर्तमान संख्या, नए डिपो के निर्माण, चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता और नई बसों की खरीद प्रक्रिया की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उन्हें तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि यात्रियों को जल्द लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि इनके संचालन से ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई बसों की तैनाती उन मार्गों पर प्राथमिकता से की जाए, जहां यात्रियों की संख्या अधिक रहती है।
सरकार ने बस स्टॉपों और डिपो के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया है। बैठक में यात्रियों के लिए डिजिटल सूचना प्रणाली, रियल-टाइम बस ट्रैकिंग, महिलाओं की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और बेहतर टिकटिंग व्यवस्था जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को तकनीक आधारित और अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सके।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही ड्राइवरों और तकनीकी कर्मचारियों को नई तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में इलेक्ट्रिक बसों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ाना है।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क तेजी से विस्तारित होता है तो इससे वायु प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ यात्रियों को अधिक आरामदायक और विश्वसनीय परिवहन सुविधा मिलेगी। उनका कहना है कि आधुनिक बस बेड़ा, बेहतर कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाएं दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं।
दिल्ली सरकार ने परिवहन विभाग को सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप बनेगी। आने वाले महीनों में नई ई-बसों को चरणबद्ध तरीके से विभिन्न रूटों पर उतारे जाने की संभावना है।
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