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दिल्ली सरकार ने यमुना सफाई अभियान की प्रगति की समीक्षा की, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को राजधानी में चल रहे यमुना सफाई अभियान की प्रगति की समीक्षा करते
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को राजधानी में चल रहे यमुना सफाई अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में यमुना में गिरने वाले नालों की सफाई, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता बढ़ाने, कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना की सफाई केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य और राजधानी के भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ-साथ उसके किनारों का भी समुचित विकास करना है। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

     

    बैठक में दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, नगर निगम और पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि कई प्रमुख नालों की सफाई का कार्य जारी है और कुछ स्थानों पर सीवेज उपचार क्षमता बढ़ाने के लिए नए बुनियादी ढांचे पर भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और प्रत्येक चरण की प्रगति की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए।

     

    रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना में बिना उपचारित सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट का प्रवाह रोकना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधाएं हों, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। साथ ही उन्होंने जनता से भी नदी को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग की अपील की और कहा कि कचरा या अन्य अपशिष्ट जल स्रोतों में नहीं डाला जाना चाहिए।

     

    बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यमुना तट पर सफाई अभियान को जनभागीदारी से जोड़ा जाएगा। स्कूलों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल करने की योजना पर भी चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से ही स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

     

    पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना की सफाई एक दीर्घकालिक प्रक्रिया है, जिसके लिए आधुनिक सीवेज प्रबंधन, नियमित निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि तय समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा किया जाता है और प्रदूषण के स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण किया जाता है, तो यमुना की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

     

    दिल्ली सरकार ने यमुना सफाई अभियान को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी और तय समयसीमा में कार्य पूरा करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों में अभियान के परिणाम जनता के सामने दिखाई देने लगेंगे।

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