Last updated: September 12th, 2026 at 03:21 pm

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में कछला गंगा घाट पर गंगा स्नान के दौरान शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आने से तीन बच्चियां डूबने लगीं। मौके पर मौजूद नाविकों ने दो बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 12 वर्षीय इंद्रा गंगा की तेज धारा में बह गई। शनिवार तक करीब 24 घंटे बीत जाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। एसडीआरएफ, गोताखोरों और फ्लड पीएसी की टीमें लगातार बच्ची की तलाश में जुटी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के भरतपुर जिले के रूपबास क्षेत्र के दौलतगढ़ गांव से एक परिवार और उनके परिचित करीब 40 लोगों के समूह के साथ कछला गंगा घाट पहुंचे थे। परिवार अमावस्या के अवसर पर गंगा स्नान के लिए आया था। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे इंद्रा अपनी मां और अन्य लोगों के साथ गंगा में स्नान कर रही थी। इसी दौरान वह अचानक तेज बहाव की ओर चली गई और पानी में बहने लगी।
इंद्रा को डूबता देखकर उसके परिवार के लोगों ने शोर मचाया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश शुरू की। उसी दौरान दो अन्य बच्चियां भी गहरे पानी में चली गई थीं। मौके पर मौजूद नाविक और गोताखोरों ने तेजी दिखाते हुए काजल और सकीना को पानी से बाहर निकाल लिया। दोनों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन इंद्रा तेज धारा में आगे बह गई।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्ची की तलाश शुरू कराई। शुरुआती प्रयासों के बाद भी बच्ची का पता नहीं चला, जिसके बाद एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी की टीमों को भी अभियान में लगाया गया। शनिवार को पूरे दिन गंगा के संभावित इलाकों में खोजबीन की गई।
एसडीआरएफ और गोताखोरों ने करीब 10 से 12 किलोमीटर के क्षेत्र में तलाश अभियान चलाया। टीमों ने गंगा की धारा के साथ आगे के हिस्सों में भी खोजबीन की, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बचाव दल लगातार अभियान चलाता रहा।
घटना के बाद बच्ची के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन लगातार इस उम्मीद में हैं कि इंद्रा का पता चल सके। प्रशासन की ओर से भी खोज अभियान को जारी रखा गया है। नदी में तेज बहाव और पानी की स्थिति के कारण बचाव दल के सामने मुश्किलें बनी हुई हैं।
यह हादसा एक बार फिर गंगा घाटों पर स्नान के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाता है। नदी के कुछ हिस्सों में पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है और तेज बहाव का अंदाजा बाहर से लगाना मुश्किल होता है। खासकर बच्चों को नदी के किनारे ले जाते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है।
कछला घाट पर शुक्रवार को हुए हादसे में तीन बच्चियों के गहरे पानी में जाने के बाद स्थानीय नाविकों की तत्परता से दो बच्चियों को बचाया जा सका। लेकिन 12 वर्षीय इंद्रा के बह जाने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई है। पुलिस और राहत टीमें नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश जारी रखे हुए हैं।
प्रशासन का पूरा ध्यान लापता बच्ची को खोजने पर है। एसडीआरएफ, गोताखोर और फ्लड पीएसी की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी बच्ची का पता नहीं लगने के कारण परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। आने वाले समय में खोज अभियान को नदी के और आगे के हिस्सों तक बढ़ाया जा सकता है।
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