Last updated: May 26th, 2026 at 02:24 pm

उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस ने एक बार फिर अपनी सक्रियता बढ़ानी शुरू कर दी है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने हाल ही में रायबरेली और अमेठी का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया। इस दौरे को 2027 विधानसभा चुनाव और आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राहुल गांधी ने इस दौरान भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना भी साधा।
रायबरेली और अमेठी लंबे समय से कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ माने जाते रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ चुनावों में कांग्रेस को यहां राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में राहुल गांधी का यह दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने की कोशिश माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी गांव स्तर तक संगठन को दोबारा मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है।
दौरे के दौरान राहुल गांधी ने बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान देने में विफल रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बातचीत में राहुल गांधी ने लोगों के बीच लगातार सक्रिय रहने और जनसंपर्क बढ़ाने पर जोर दिया।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अब उत्तर प्रदेश में युवाओं और ग्रामीण वोटरों पर विशेष फोकस करने की तैयारी में है। पार्टी का मानना है कि अगर संगठन को मजबूत किया जाए और स्थानीय स्तर पर लगातार अभियान चलाया जाए, तो कांग्रेस फिर से राजनीतिक जमीन मजबूत कर सकती है। इसी रणनीति के तहत राहुल गांधी लगातार कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस के लिए यूपी में वापसी आसान नहीं होगी, क्योंकि भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। फिर भी रायबरेली और अमेठी जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस अब भी भावनात्मक और राजनीतिक प्रभाव बनाए रखने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी का यह दौरा उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
भाजपा ने राहुल गांधी के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस अब सिर्फ प्रतीकात्मक राजनीति कर रही है। भाजपा नेताओं का दावा है कि जनता विकास और मजबूत नेतृत्व के आधार पर वोट देती है और कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि जनता महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से परेशान है और आने वाले समय में इसका असर चुनावों में दिखाई देगा।
दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी संगठन में नई ऊर्जा आने की बात कही। पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले महीनों में यूपी के अलग-अलग जिलों में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस की कोशिश है कि स्थानीय मुद्दों को लेकर लगातार अभियान चलाया जाए और जनता के बीच सीधा संवाद बढ़ाया जाए।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिलहाल भाजपा का दबदबा दिखाई देता है, लेकिन विपक्ष लगातार अपनी रणनीति मजबूत करने में लगा है। समाजवादी पार्टी जहां खुद को मुख्य विपक्ष के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस भी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के प्रयास में जुटी है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी के दौरे और कांग्रेस की नई रणनीति का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है। लेकिन इतना तय है कि यूपी की राजनीति में कांग्रेस अब खुद को फिर से सक्रिय और प्रासंगिक बनाने की कोशिश कर रही है।
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