Last updated: July 2nd, 2026 at 09:33 am

जम्मू-कश्मीर सरकार ने सरकारी संपत्तियों के निस्तारण और लीज प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब सरकारी परिसंपत्तियों की बिक्री और लीज प्रक्रिया Government e-Marketplace (GeM) के Forward Auction Module के माध्यम से ही संचालित की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों की नीलामी को पूरी तरह ऑनलाइन, प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी बनाना है, ताकि बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को भी कम किया जा सके।
नई व्यवस्था के तहत सरकारी भवन, अनुपयोगी सामग्री, कबाड़, ई-वेस्ट, पुराने वाहन और अन्य अतिरिक्त सरकारी परिसंपत्तियों की नीलामी देशभर के इच्छुक खरीदारों के लिए ऑनलाइन बोली के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा सरकारी दुकानों, पार्किंग स्थलों और अन्य व्यावसायिक परिसंपत्तियों को लीज पर देने की प्रक्रिया भी GeM प्लेटफॉर्म के जरिए पूरी की जाएगी।
वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, GeM के फॉरवर्ड ऑक्शन मॉड्यूल पर अब तक 12 हजार से अधिक ऑनलाइन नीलामियां आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 25 हजार से अधिक सरकारी परिसंपत्तियों का सफल निस्तारण हुआ है। इससे सरकारी संस्थानों को प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से बेहतर राजस्व प्राप्त हुआ है।
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद अपने अधीनस्थ कार्यालयों में भी इसी प्रणाली को लागू किया जाए। इसके तहत सरकारी अचल संपत्तियों, अनुपयोगी सामान, ई-वेस्ट, कबाड़, वाहनों और अन्य अतिरिक्त सामग्री के निस्तारण के साथ-साथ उपलब्ध परिसंपत्तियों की लीज प्रक्रिया भी GeM के माध्यम से ही पूरी की जाएगी।
सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली यह व्यवस्था सरकारी संपत्तियों के प्रबंधन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी तथा नीलामी प्रक्रिया में अधिक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करेगी।
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