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राम मंदिर दान विवाद पर AAP का देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू, भाजपा ने बताया राजनीतिक स्टंट

आम आदमी पार्टी (AAP) ने राम मंदिर दान विवाद को लेकर रविवार को देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत कर दी।
ANI-20250920053714

आम आदमी पार्टी (AAP) ने राम मंदिर दान विवाद को लेकर रविवार को देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत कर दी। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में आयोजित सुंदरकांड पाठ के बाद इस अभियान का शुभारंभ किया। केजरीवाल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य कथित दान घोटाले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना है। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस अभियान को राजनीतिक स्टंट और जनता की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल बताया।

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    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान से जुड़े कथित घोटाले में दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। केजरीवाल ने लोगों से बड़ी संख्या में हस्ताक्षर अभियान में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था का मुद्दा है।

    AAP के अनुसार, देशभर में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत नागरिकों से हस्ताक्षर कराकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा जाएगा। पार्टी का कहना है कि ज्ञापन में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की जाएगी। अभियान की शुरुआत धार्मिक माहौल में सुंदरकांड पाठ के साथ की गई, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

    भाजपा ने AAP के इस अभियान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल धार्मिक आस्था के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा ने कहा कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं तो उनकी जांच पहले से संबंधित एजेंसियां कर रही हैं और कानून अपना काम करेगा। पार्टी ने AAP के अभियान को “राजनीतिक दिखावा” और चुनावी रणनीति का हिस्सा बताया।

    इसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी पार्टी तब तक शांत नहीं बैठेगी जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के दान की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की कथित गड़बड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक और आस्था से जुड़े मुद्दे भारतीय राजनीति में हमेशा संवेदनशील रहे हैं। ऐसे मामलों में राजनीतिक दलों के बयानों और अभियानों का व्यापक राजनीतिक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए जाते हैं, तो उनकी जांच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

    AAP ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका हस्ताक्षर अभियान देशभर में जारी रहेगा। वहीं भाजपा इस पूरे अभियान को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गर्मा सकता है, खासकर संसद के मानसून सत्र और विभिन्न राज्यों में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों के बीच। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि इस अभियान को जनता का कितना समर्थन मिलता है और जांच प्रक्रिया में आगे क्या घटनाक्रम सामने आते हैं।

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