Last updated: July 14th, 2026 at 02:39 pm

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अब केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि पार्टी राज्य में अपना संगठन तेजी से मजबूत कर रही है और चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर चुकी है।
चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में अपने जनाधार का विस्तार करना है। इसके लिए जिला और मंडल स्तर पर संगठन को मजबूत किया जा रहा है तथा नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़े राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करेगी और जनता के बीच अपनी नीतियों को लेकर जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है और गठबंधन की भावना के साथ आगे बढ़ेगी। हालांकि, उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे और संभावित गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी की राज्य इकाई और केंद्रीय संसदीय बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। फिलहाल संगठन विस्तार पर सबसे अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में एलजेपी (रामविलास) की सक्रियता एनडीए के लिए नए सामाजिक समीकरण तैयार कर सकती है। चिराग पासवान विशेष रूप से युवाओं, दलित समुदाय और नए मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि बिहार के बाद उत्तर प्रदेश में संगठन खड़ा करना पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
चिराग पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी राजनीति का केंद्र विकास, रोजगार, सामाजिक न्याय और युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए काम करना चाहती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने का आह्वान किया।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में एलजेपी (रामविलास) की सक्रियता से राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा हो सकती है। हालांकि पार्टी की वास्तविक चुनावी रणनीति, सीटों की संख्या और गठबंधन की रूपरेखा आने वाले समय में ही स्पष्ट होगी। फिलहाल चिराग पासवान के इस ऐलान को पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आने वाले महीनों में पार्टी उत्तर प्रदेश में सदस्यता अभियान, संगठनात्मक बैठकों और जनसभाओं के माध्यम से अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी में है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में एलजेपी (रामविलास) की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, जिससे राज्य की चुनावी राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
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