Last updated: July 18th, 2026 at 11:47 am

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते के बाद एक बार फिर दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान का कहना है कि ईरानी तेल निर्यात पर दी गई अस्थायी राहत वापस लेना समझौते की भावना के खिलाफ है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा तेल निर्यात से जुड़ी अस्थायी छूट समाप्त करना समझौते का गंभीर उल्लंघन है। मंत्रालय ने कहा कि इस फैसले के परिणामों की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका पर होगी।
ईरान का दावा है कि समझौते पर हस्ताक्षर के कुछ ही दिनों बाद अमेरिका ने अपना रुख बदल लिया और प्रतिबंधों में दी गई राहत वापस लेने का फैसला कर लिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस कदम से अमेरिका की नीतियों की अस्थिरता और समझौते के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होते हैं।
तेहरान ने यह भी कहा कि उसने समझौते के तहत अपनी सभी जिम्मेदारियों का पालन किया, लेकिन अमेरिका लगातार अपने दायित्वों से पीछे हटता रहा। ईरान ने चेतावनी दी कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने का अधिकार रखता है।
इस बीच दक्षिणी ईरान के सिरिक, केशम द्वीप और बंदर अब्बास क्षेत्र में धमाकों की खबरें भी सामने आई हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इन घटनाओं में कई लोग घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, इन धमाकों के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
मौजूदा घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका को जन्म दे दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच हालात किस दिशा में बढ़ते हैं।
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