Last updated: July 20th, 2026 at 08:31 am

बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को हंगामे के साथ हुई। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद सदन की कार्यवाही सामान्य हो सकी।
हंगामे के बीच सरकार ने अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए कई अहम प्रस्ताव सदन में रखे। इसी क्रम में वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने वित्तीय वर्ष के लिए 87,383 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया।
सरकार के अनुसार, इस अतिरिक्त बजटीय प्रावधान का उद्देश्य विभिन्न विभागों की चल रही योजनाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना और नई विकास परियोजनाओं को गति देना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य जनकल्याणकारी क्षेत्रों में इस राशि का उपयोग किए जाने की संभावना है।
मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने बजट के अलावा 13 महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए। इनमें नगर विकास, निजी विश्वविद्यालय, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, जीएसटी संशोधन, भूमि, चिकित्सा, नर्सेज पंजीकरण, जुआ प्रतिषेध और अन्य प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विधेयक शामिल हैं। इन प्रस्तावों पर आगामी दिनों में सदन में चर्चा होगी।
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई विधायी कार्यों को पूरा करने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष बेरोजगारी, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही के और भी अधिक सक्रिय और हंगामेदार रहने के आसार हैं।
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